हिप्नोसिस: Difference between revisions

From Reincarnatiopedia
Bot: Created Hypnosis article in Chhattisgarhi
Bot: Created Hypnosis article in Haryanvi
Line 1: Line 1:
{{सन्दर्भ}}
'''हिप्नोसिस''' (Hypnosis) एक ऐसी मनोवैज्ञानिक अवस्था हवे जिसमें व्यक्ति के ध्यान केंद्रित करे की क्षमता बढ़ जावे हवे, आ उसकी चेतना के स्तर में बदलाव आवे हवे। इसमें व्यक्ति अधिक सुझावशील (suggestible) हो जावे हवे, मने कि हिप्नोथेरेपिस्ट द्वारा दिए गए सुझावों के प्रति उसकी प्रतिक्रिया बढ़िया होवे हवे। इसे अक्सर "सम्मोहन" या "त्रान्स" कहल जावे हवे, लेकिन ये नींद या बेहोशी ना हवे। हिप्नोसिस एक सहयोगी प्रक्रिया हवे जिसमें हिप्नोथेरेपिस्ट आ व्यक्ति (सब्जेक्ट) दोनों का योगदान होवे हवे।
 
'''हिप्नोसिस''' (अंग्रेजी: Hypnosis) एगो मानसिक अवस्था आरू व्यवहार के तरीका हवे जेहमे एक व्यक्ति के ध्यान केंद्रित करावे, सुझावशीलता बढ़ावे आरू काल्पनिक अनुभव के क्षमता में वृद्धि होवे हे। ई एगो चिकित्सीय उपकरण के रूप में प्रयोग होवे हे जेहमे हिप्नोथेरेपिस्ट मरीज के एगो ट्रान्स जइसन अवस्था में ले जावे हे, जेकरा में मन शांत आरू गहराई से सुझाव के प्रति खुला रहे हे। भारत आरू छत्तीसगढ़ में ई परंपरागत चिकित्सा पद्धति आरू आधुनिक मनोविज्ञान के बीच के पुल के रूप में बढ़त प्रसिद्धि पा रहा हे।


== परिभाषा ==
== परिभाषा ==
'''हिप्नोसिस''' एगो ऐसन अवस्था हवे जेहमे व्यक्ति के सामान्य चेतना से अलग, एगो बदलल चेतना में ले जावल जाला। ई नींद ना हवे, बल्कि एगो केंद्रित ध्यान, आराम आरू सुझाव के प्रति खुलापन के अवस्था हवे। ई अवस्था में, व्यक्ति अपन अवचेतन मन से सीधा संवाद करे के क्षमता रखे हे। हिप्नोथेरेपी में, एही अवस्था के उपयोग मानसिक आरू कभी-कभी शारीरिक समस्या के समाधान खोजे खातिर कइल जाला। ई ध्यान देवे वाला बात हवे कि हिप्नोसिस में व्यक्ति के इच्छा के विरुद्ध कुछ ना करावल जा सके हे आरू ना ही ओकरा से कोई गोपनीय जानकारी निकलावल जा सके हे।
हिप्नोसिस के परिभाषा देना ठीकठाक काम हवे, काहे कि अलग-अलग विद्वान इसे अलग तरीके से देखत हवे। साधारण भाषा में कहें तो, '''हिप्नोसिस एक तरह का केंद्रित ध्यान हवे''' जिसमें बाहरी दुनिया के चीजें कम महसूस होत हवे आ मन के अंदर के विचार, भावना आ सुझाव ज्यादा स्पष्ट हो जात हवे। इसमें व्यक्ति अपनी इच्छा से, हिप्नोथेरेपिस्ट के मार्गदर्शन में, एक ऐसी अवस्था में पहुंच जावे हवे जहां उसके अवचेतन मन (subconscious mind) तक पहुंचना आसान हो जावे हवे। ये जादू-टोना ना हवे, बल्कि एक वैज्ञानिक तरीका हवे जिसका इस्तेमाल थेरेपी में होवे हवे।


== इतिहास ==
== इतिहास ==
हिप्नोसिस के वैश्विक इतिहास प्राचीन मिस्र, ग्रीस आरू भारत के समय से जुड़ल हवे, जहाँ मंदिर नींद आरू ध्यान के तरीका से इलाज कइल जाय। 18वीं सदी में फ्रांज मेसमर के "एनिमल मैग्नेटिज्म" के सिद्धांत से आधुनिक हिप्नोसिस के नींव पड़ल। बाद में, जेम्स ब्रेड ने "हिप्नोसिस" शब्द के प्रचलन कइलस।
'''वैश्विक इतिहास:''' हिप्नोसिस के इतिहास बहुत पुराना हवे। प्राचीन मिस्र, ग्रीस भारत के सभ्यता में भी त्रान्स जैसी अवस्था के बारे में वर्णन मिलत हवे। आधुनिक हिप्नोसिस के जनक '''फ्रांज एंटन मेसमर''' (18वीं सदी) माने जात हवे, जिन्होंने "पशुओं के चुंबकत्व" (animal magnetism) के सिद्धांत दिया। बाद में, स्कॉटिश सर्जन '''जेम्स ब्रेड''' ने 1842 में "हिप्नोसिस" शब्द का इस्तेमाल किया। 20वीं सदी में, '''मिल्टन एरिक्सन''' ने हिप्नोसिस को थेरेपी के रूप में विकसित किया।


भारतीय संदर्भ में, हिप्नोसिस के तत्व प्राचीन योग आरू तंत्र साधना में देखल जा सके हे। '''सम्मोहन''' आरू '''तृतीय नेत्र''' जइसन अवधारणा भारतीय दर्शन से जुड़ल हवे। आधुनिक भारत में, 20वीं सदी के शुरुआत में हिप्नोसिस के चिकित्सीय उपयोग शुरू भइल। छत्तीसगढ़ में, ई ज्ञान पारंपरिक '''बैगा''', '''गुनिया''' आरू ओझा के मानसिक उपचार के तरीका से अलग होखे के बावजूद, कुछ समानतावादी तत्व जइसे कि आराम, ध्यान आरू सुझाव के महत्व साझा करे हे।
'''भारत आ हरियाणा में इतिहास:''' भारत में हिप्नोसिस के जड़ें प्राचीन योग तंत्र विद्या में जात हवे। योग निद्रा, ध्यान (समाधि) आ तंत्र के कुछ क्रियाएं हिप्नोटिक त्रान्स से मिलत-जुलत हवे। आधुनिक भारत में, '''डॉ. बी. एम. हेगड़े''' जैसे चिकित्सकों ने मन-शरीर के संबंध पर जोर दिया। हरियाणा में, लोक परंपरा में भी "मौना" या गहरे ध्यान के अवस्था के बारे में जानकारी रही हवे। राज्य के शहरी इलाका जैसे रोहतक, हिसार, गुरुग्राम में पिछले 30-40 साल से हिप्नोथेरेपी के प्रचलन बढ़ा हवे। '''भारतीय हिप्नोसिस सोसाइटी''' '''इंडियन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल हिप्नोसिस''' जैसे संगठन ने इसे पेशेवर रूप देवे में मदद की हवे।


== प्रकार ==
== प्रकार ==
हिप्नोसिस के कई प्रकार होवे हे, जेकरा में शामिल हवे:
हिप्नोसिस के कई प्रकार हवे, जिनमें से कुछ मुख्य ये रहें:
* '''पारंपरिक हिप्नोथेरेपी''': ई सीधा सुझाव देके कइल जाय, जइसे कि धूम्रपान छोड़े के सलाह।
* '''पारंपरिक हिप्नोसिस (Authoritative Hypnosis):''' इसमें थेरेपिस्ट सीधे आदेश देकर सुझाव देवे हवे। ये पुराना तरीका हवे।
* '''एरिक्सोनियन हिप्नोसिस''': ई अप्रत्यक्ष, कहानी सुनावे के तरीका से कइल जाय, जेकरा के भारत में कथा परंपरा से जोड़ के देखल जा सके हे।
* '''एरिक्सोनियन हिप्नोसिस (Ericksonian Hypnosis):''' मिल्टन एरिक्सन द्वारा विकसित, इसमें कहानियां, मुहावरे आ अप्रत्यक्ष सुझाव का इस्तेमाल होवे हवे। ये ज्यादा नरम तरीका हवे।
* '''कॉग्निटिव-बिहेवियरल हिप्नोथेरेपी (सीबीएच)''': ई नकारात्मक सोच आरू व्यवहार के बदले खातिर प्रयोग होवे हे।
* '''क्लिनिकल हिप्नोसिस (Clinical Hypnosis):''' इसका इस्तेमाल चिकित्सा आ मनोवैज्ञानिक उपचार में होवे हवे, जैसे दर्द प्रबंधन, चिंता कम करे में।
* '''[[रिग्रेशन हिप्नोसिस]]''': ई विवादास्पद तरीका हवे जेहमे व्यक्ति के अतीत, यहाँ तक कि पिछला जनम में भी ले जाए के दावा कइल जाला, ताकि वर्तमान समस्या के मूल कारण पता चल सके।
* '''स्वयं-हिप्नोसिस (Self-Hypnosis):''' व्यक्ति खुद को हिप्नोटिक अवस्था में ले जावे हवे, आत्म-सुधार आ तनाव प्रबंधन के लिए।
* '''सेल्फ-हिप्नोसिस''': ई व्यक्ति अपने आप सीख के आरू प्रयोग करे सके हे, जेकरा के ध्यान (मेडिटेशन) से तुलना कइल जा सके हे।
* '''रीग्रेशन हिप्नोसिस (Regression Hypnosis):''' इसमें व्यक्ति के अवचेतन मन के माध्यम से बीते समय (कई बार बचपन या पूर्व जन्म) में ले जाया जावे हवे ताकि वर्तमान समस्या के मूल कारण का पता लग सके। इसे [[रीग्रेशन हिप्नोसिस]] के बारे में अलग से पढ़ा जा सकता हवे।
* '''स्टेज हिप्नोसिस (Stage Hypnosis):''' ये मनोरंजन के लिए होवे हवे, जिसमें स्वयंसेवकों पर हिप्नोसिस के तकनीक का इस्तेमाल कर के मजेदार प्रदर्शन किया जावे हवे। इसे पेशेवर चिकित्सा ना माना जावे हवे।


== वैज्ञानिक शोध ==
== वैज्ञानिक शोध ==
हिप्नोसिस पर भारत आरू दुनिया भर में वैज्ञानिक शोध जारी हवे। भारतीय शोध संस्थान जइसे कि '''अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स)''' आरू '''राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (निमहंस)''' में हिप्नोसिस के दर्द प्रबंधन, चिंता आरू पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (पीटीएसडी) पर प्रभाव के अध्ययन भइल हवे। न्यूरोसाइंस शोध बतावत हवे कि हिप्नोसिस के दौरान दिमाग के कुछ हिस्सा जइसे कि एन्टीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स एक्टिव हो जाला, जे ध्यान आरू नियंत्रण से जुड़ल हवे। ई एगो मान्यता प्राप्त चिकित्सीय उपकरण हवे, जादू-टोना ना हवे।
हिप्नोसिस पर दुनिया भर में वैज्ञानिक शोध होत रहें हवे। '''एफएमआरआई''' (fMRI) आ '''ईईजी''' (EEG) जैसे तकनीक से पता चला हवे कि हिप्नोटिक त्रान्स के दौरान दिमाग के कुछ खास हिस्सा जैसे '''एन्टीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स''' सक्रिय हो जात हवे। शोध से पता चलत हवे कि हिप्नोसिस दर्द के अनुभव (पर्सेप्शन) को कम कर सकत हवे, आ तनाव हार्मोन के स्तर को घटा सकत हवे। भारत में भी, '''अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स)''', '''पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआई)''' चंडीगढ़, आ '''निमहांस''' जैसे संस्थान में हिप्नोसिस पर क्लिनिकल अध्ययन होत रहें हवे। ये शोध मुख्य रूप से दर्द प्रबंधन, धूम्रपान छुड़ाना, आ इर्रिटेबल बॉवेल सिंड्रोम जैसे मामला में करे जात हवे।


== अनुप्रयोग ==
== अनुप्रयोग ==
भारत में हिप्नोसिस के विविध अनुप्रयोग होवे हे:
हिप्नोसिस के कई व्यावहारिक अनुप्रयोग हवे:
* '''चिकित्सा क्षेत्र''': दंत चिकित्सा में दर्द कम करे, सर्जरी के बाद के दर्द आरू कैंसर के मरीजन के उल्टी-जी मिचलाई कम करे खातिर।
* '''चिकित्सा क्षेत्र:''' दर्द नियंत्रण (बिना दवा के), कैंसर के मरीज में मतली कम करना, डेंटिस्ट्री में घबराहट दूर करना।
* '''मनोवैज्ञानिक उपचार''': फोबिया, तनाव, अवसाद, नींद ना आवे के समस्या, आरू वजन घटावे में।
* '''मनोवैज्ञानिक उपचार:''' चिंता (एंग्जाइटी), अवसाद (डिप्रेशन), फोबिया, तनाव प्रबंधन, नींद ना आना (इनसोम्निया), पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) का इलाज।
* '''व्यसन छुड़ावे''': धूम्रपान, शराब आरू अन्य नशा के आदत के छुड़ावे में मदद।
* '''व्यवहार परिवर्तन:''' धूम्रपान छुड़ाना, वजन नियंत्रण, नाखून चबाना बंद करना।
* '''प्रदर्शन में सुधार''': खिलाड़ी, कलाकार आरू छात्र लोग के आत्मविश्वास बढ़ावे आरू चिंता कम करे खातिर।
* '''प्रदर्शन वृद्धि:''' खेल (स्पोर्ट्स) में एकाग्रता बढ़ाना, परीक्षा के तनाव कम करना, स्टेज पर प्रदर्शन में सुधार।
* '''अपराध जांच''': कुछ मामला में, पुलिस '''फॉरेंसिक हिप्नोसिस''' के उपयोग गवाह के याददाश्त बढ़ावे खातिर करे हे, हालांकि विवादास्पद हवे।
* '''अन्य:''' '''पुलिस जांच''' में स्मृति स्पष्ट करना (हालांकि ये विवादास्पद हवे), रचनात्मकता बढ़ाना।


== भारत में कानूनी स्थिति ==
== भारत में कानूनी स्थिति ==
भारत में, हिप्नोसिस के कानूनी दर्जा स्पष्ट हवे। '''भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई)''' हिप्नोसिस के चिकित्सीय उपकरण के रूप में मान्यता देवे हे, बशर्ते ओकरा प्रयोग '''पंजीकृत चिकित्सक''' (एमबीबीएस) या '''पंजीकृत क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट''' द्वारा कइल जाय। बिना चिकित्सा योग्यता के व्यक्ति द्वारा हिप्नोसिस के प्रयोग गैर-कानूनी आरू धोखाधड़ी मानल जा सके हे। '''भारतीय दंड संहिता (आईपीसी)''' के तहत ऐसन करे पर मुकदमा चल सके हे। '''महाराष्ट्र एक्ट''' जइसन कुछ राज्य में हिप्नोसिस के गलत उपयोग रोके खातिर विशेष कानून भी हवे। फॉरेंसिक जांच में हिप्नोसिस से प्राप्त जानकारी के सबूत के रूप में स्वीकार करे के मानदंड बहुत सख्त हवे।
भारत में, हिप्नोसिस के पेशेवर इस्तेमाल के लिए कोई एक केंद्रीय कानून ना हवे। हालांकि, इसे चिकित्सा पद्धति माना जावे हवे। '''भारतीय चिकित्सा परिषद (MCI)''' के दिशा-निर्देश के अनुसार, केवल '''पंजीकृत चिकित्सक''' (एमबीबीएस डॉक्टर) या '''पंजीकृत क्लिनिकल मनोवैज्ञानिक''' ही क्लिनिकल हिप्नोथेरेपी का अभ्यास कर सकत हवे। बिना चिकित्सा योग्यता के हिप्नोसिस कर के इलाज करना गैर-कानूनी माना जा सकत हवे आ इसे धोखाधड़ी या नकली इलाज (quackery) के तहत मुकदमा चल सकत हवे। '''स्टेज हिप्नोसिस''' मनोरंजन के लिए होत हवे, लेकिन उसमें भी स्वयंसेवकों के साथ गलत व्यवहार ना हो, इस पर नजर रखी जात हवे। किसी भी तरह के '''रीग्रेशन हिप्नोसिस''' जिसमें पूर्व जन्म का दावा किया जावे, उसकी वैज्ञानिक वैधता को अदालत में सबूत के रूप में स्वीकार ना किया जावे हवे।


== सांस्कृतिक दृष्टिकोण ==
== सांस्कृतिक दृष्टिकोण ==
छत्तीसगढ़ आरू भारत में, हिप्नोसिस के प्रति दृष्टिकोण मिलाजुला हवे। कुछ लोग एकरा के आधुनिक विज्ञान के रूप में स्वीकार करे हे, त कुछ लोग एकरा संदेह के नजर से देखे हे आरू ओकरा जादू-टोना या अंधविश्वास से जोड़े हे। टीवी शो आरू मंच पर होखे वाला '''स्टेज हिप्नोसिस''' के कारण आम जनता में गलत धारणा बनल हवे कि हिप्नोथेरेपिस्ट लोगन के दिमाग पर नियंत्रण करे के शक्ति हवे। हालांकि, शहरी इलाका में शिक्षा के बढ़ते साथ, हिप्नोथेरेपी के प्रति स्वीकार्यता बढ़त जा रहा हवे। ई परंपरागत आयुर्वेद आरू योग के साथ-साथ पूरक चिकित्सा के रूप में भी देखल जा रहा हवे।
हरियाणा आ भारत में हिप्नोसिस के प्रति सांस्कृतिक दृष्टिकोण मिला-जुला हवे। एक तरफ, शहरी, शिक्षित वर्ग इसे एक वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति के रूप में स्वीकार करत हवे। दूसरी तरफ, ग्रामीण इलाका में कई बार इसे '''जादू-टोना''', '''भूत-प्रेत''' या '''ऊपरी साया''' के इलाज से जोड़ के देखा जात हवे। कुछ लोग इसे पश्चिमी चीज मान के संदेह की नजर से देखत हवे, तो कुछ इसे योग आ ध्यान के प्राचीन भारतीय ज्ञान का ही आधुनिक रूप मानत हवे। हरियाणा के संस्कृति में व्यावहारिकता प्रमुख हवे, इसलिए जब लोग देखत हवे कि हिप्नोसिस से सिगरेट छूट रही हवे या दर्द कम हो रहा हवे, तो उनकी स्वीकार्यता बढ़ जात हवे। मीडिया में फिल्म आ टीवी शो में हिप्नोसिस को कई बार अतिशयोक्ति के साथ दिखाया जात हवे, जिससे गलत धारणा बनत हवे।


== भारत के उल्लेखनीय व्यवसायी ==
== भारत के उल्लेखनीय व्यवसायी ==
भारत में हिप्नोसिस के क्षेत्र में कई प्रसिद्ध व्यक्ति के योगदान रहल हवे:
भारत में हिप्नोसिस के क्षेत्र में कई प्रमुख व्यक्ति रहें हवे:
* '''डॉ. बी. एम. हेगड़े''': प्रख्यात चिकित्सक आरू शिक्षाविद, जे हिप्नोसिस सहित समग्र चिकित्सा पर जोर दिहिनस।
* '''डॉ. बी. एम. हेगड़े:''' प्रख्यात चिकित्सक जिन्होंने समग्र चिकित्सा आ मन-शरीर के संबंध पर जोर दिया, जिसमें हिप्नोसिस के तत्व शामिल हवे।
* '''डॉ. विनोद कुमार गुप्ता''': दिल्ली के एगो प्रसिद्ध हिप्नोथेरेपिस्ट आरू लेखक।
* '''डॉ. विनोद कुमार:''' दिल्ली के मनोचिकित्सक जो क्लिनिकल हिप्नोसिस के लिए जाने जात हवे।
* '''डॉ. (श्रीमती) ज्योति कपूर''': नई दिल्ली स्थित क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट आरू हिप्नोथेरेपिस्ट।
* '''डॉ. सतीश गुप्ता:''' चंडीगढ़ के क्लिनिकल मनोवैज्ञानिक जिन्होंने हिप्नोथेरेपी पर व्यापक काम किया हवे।
* '''डॉ. नारायण वाडेकर''': मुंबई के एगो वरिष्ठ हिप्नोथेरेपिस्ट।
* '''डॉ. नरेश वर्मा:''' हरियाणा के रोहतक से जुड़े मनोचिकित्सक जो हिप्नोसिस के इस्तेमाल में सक्रिय रहें हवे।
* '''इंडियन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल एंड एक्सपेरिमेंटल हिप्नोसिस (आईएससीईएच)''': ई राष्ट्रीय संस्था हिप्नोसिस के शोध आरू प्रशिक्षण के काम करे हे।
* '''डॉ. एस. के. शर्मा:''' दिल्ली में, जिन्होंने हिप्नोसिस पर कई किताब लिखी हवे आ प्रशिक्षण देवे हवे।
इनके अलावा, '''इंडियन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल एंड एक्सपेरिमेंटल हिप्नोसिस (ISCEH)''' आ '''इंडियन एसोसिएशन ऑफ क्लिनिकल हिप्नोटिस्ट्स (IACH)''' जैसे संगठन कई प्रशिक्षित व्यवसायी तैयार करत हवे।


छत्तीसगढ़ में, राजधानी रायपुर सहित बड़ा शहर में अब कुछ प्रशिक्षित हिप्नोथेरेपिस्ट मिल जालिम, जे तनाव प्रबंधन आरू व्यसन मुक्ति जइसन सेवा देवे हे।
== ये भी देखो ==
 
* [[रीग्रेशन हिप्नोसिस]]
== इहो देखऽ ==
* [[योग निद्रा]]
* [[मनोविज्ञान]]
* [[ध्यान]]
* [[ध्यान]]
* [[योग]]
* [[मनोचिकित्सा]]
* [[अवचेतन मन]]
* [[अवचेतन मन]]
* [[रिग्रेशन हिप्नोसिस]]
* [[भारतीय मनोवैज्ञानिक संस्थान]]
* [[सम्मोहन]]
 
== बाहरी कड़ी ==
* [https://www.imh.com इंडियन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल एंड एक्सपेरिमेंटल हिप्नोसिस]
* [https://www.nimhans.ac.in राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान]


[[Category:Hypnosis]]
[[Category:Hypnosis]]
[[Category:Psychology]]
[[Category:Psychology]]
[[Category:भारत में चिकित्सा]]

Revision as of 09:07, 1 April 2026

हिप्नोसिस (Hypnosis) एक ऐसी मनोवैज्ञानिक अवस्था हवे जिसमें व्यक्ति के ध्यान केंद्रित करे की क्षमता बढ़ जावे हवे, आ उसकी चेतना के स्तर में बदलाव आवे हवे। इसमें व्यक्ति अधिक सुझावशील (suggestible) हो जावे हवे, मने कि हिप्नोथेरेपिस्ट द्वारा दिए गए सुझावों के प्रति उसकी प्रतिक्रिया बढ़िया होवे हवे। इसे अक्सर "सम्मोहन" या "त्रान्स" कहल जावे हवे, लेकिन ये नींद या बेहोशी ना हवे। हिप्नोसिस एक सहयोगी प्रक्रिया हवे जिसमें हिप्नोथेरेपिस्ट आ व्यक्ति (सब्जेक्ट) दोनों का योगदान होवे हवे।

परिभाषा

हिप्नोसिस के परिभाषा देना ठीकठाक काम हवे, काहे कि अलग-अलग विद्वान इसे अलग तरीके से देखत हवे। साधारण भाषा में कहें तो, हिप्नोसिस एक तरह का केंद्रित ध्यान हवे जिसमें बाहरी दुनिया के चीजें कम महसूस होत हवे आ मन के अंदर के विचार, भावना आ सुझाव ज्यादा स्पष्ट हो जात हवे। इसमें व्यक्ति अपनी इच्छा से, हिप्नोथेरेपिस्ट के मार्गदर्शन में, एक ऐसी अवस्था में पहुंच जावे हवे जहां उसके अवचेतन मन (subconscious mind) तक पहुंचना आसान हो जावे हवे। ये जादू-टोना ना हवे, बल्कि एक वैज्ञानिक तरीका हवे जिसका इस्तेमाल थेरेपी में होवे हवे।

इतिहास

वैश्विक इतिहास: हिप्नोसिस के इतिहास बहुत पुराना हवे। प्राचीन मिस्र, ग्रीस आ भारत के सभ्यता में भी त्रान्स जैसी अवस्था के बारे में वर्णन मिलत हवे। आधुनिक हिप्नोसिस के जनक फ्रांज एंटन मेसमर (18वीं सदी) माने जात हवे, जिन्होंने "पशुओं के चुंबकत्व" (animal magnetism) के सिद्धांत दिया। बाद में, स्कॉटिश सर्जन जेम्स ब्रेड ने 1842 में "हिप्नोसिस" शब्द का इस्तेमाल किया। 20वीं सदी में, मिल्टन एरिक्सन ने हिप्नोसिस को थेरेपी के रूप में विकसित किया।

भारत आ हरियाणा में इतिहास: भारत में हिप्नोसिस के जड़ें प्राचीन योग आ तंत्र विद्या में जात हवे। योग निद्रा, ध्यान (समाधि) आ तंत्र के कुछ क्रियाएं हिप्नोटिक त्रान्स से मिलत-जुलत हवे। आधुनिक भारत में, डॉ. बी. एम. हेगड़े जैसे चिकित्सकों ने मन-शरीर के संबंध पर जोर दिया। हरियाणा में, लोक परंपरा में भी "मौना" या गहरे ध्यान के अवस्था के बारे में जानकारी रही हवे। राज्य के शहरी इलाका जैसे रोहतक, हिसार, गुरुग्राम में पिछले 30-40 साल से हिप्नोथेरेपी के प्रचलन बढ़ा हवे। भारतीय हिप्नोसिस सोसाइटीइंडियन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल हिप्नोसिस जैसे संगठन ने इसे पेशेवर रूप देवे में मदद की हवे।

प्रकार

हिप्नोसिस के कई प्रकार हवे, जिनमें से कुछ मुख्य ये रहें:

  • पारंपरिक हिप्नोसिस (Authoritative Hypnosis): इसमें थेरेपिस्ट सीधे आदेश देकर सुझाव देवे हवे। ये पुराना तरीका हवे।
  • एरिक्सोनियन हिप्नोसिस (Ericksonian Hypnosis): मिल्टन एरिक्सन द्वारा विकसित, इसमें कहानियां, मुहावरे आ अप्रत्यक्ष सुझाव का इस्तेमाल होवे हवे। ये ज्यादा नरम तरीका हवे।
  • क्लिनिकल हिप्नोसिस (Clinical Hypnosis): इसका इस्तेमाल चिकित्सा आ मनोवैज्ञानिक उपचार में होवे हवे, जैसे दर्द प्रबंधन, चिंता कम करे में।
  • स्वयं-हिप्नोसिस (Self-Hypnosis): व्यक्ति खुद को हिप्नोटिक अवस्था में ले जावे हवे, आत्म-सुधार आ तनाव प्रबंधन के लिए।
  • रीग्रेशन हिप्नोसिस (Regression Hypnosis): इसमें व्यक्ति के अवचेतन मन के माध्यम से बीते समय (कई बार बचपन या पूर्व जन्म) में ले जाया जावे हवे ताकि वर्तमान समस्या के मूल कारण का पता लग सके। इसे रीग्रेशन हिप्नोसिस के बारे में अलग से पढ़ा जा सकता हवे।
  • स्टेज हिप्नोसिस (Stage Hypnosis): ये मनोरंजन के लिए होवे हवे, जिसमें स्वयंसेवकों पर हिप्नोसिस के तकनीक का इस्तेमाल कर के मजेदार प्रदर्शन किया जावे हवे। इसे पेशेवर चिकित्सा ना माना जावे हवे।

वैज्ञानिक शोध

हिप्नोसिस पर दुनिया भर में वैज्ञानिक शोध होत रहें हवे। एफएमआरआई (fMRI) आ ईईजी (EEG) जैसे तकनीक से पता चला हवे कि हिप्नोटिक त्रान्स के दौरान दिमाग के कुछ खास हिस्सा जैसे एन्टीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स सक्रिय हो जात हवे। शोध से पता चलत हवे कि हिप्नोसिस दर्द के अनुभव (पर्सेप्शन) को कम कर सकत हवे, आ तनाव हार्मोन के स्तर को घटा सकत हवे। भारत में भी, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआई) चंडीगढ़, आ निमहांस जैसे संस्थान में हिप्नोसिस पर क्लिनिकल अध्ययन होत रहें हवे। ये शोध मुख्य रूप से दर्द प्रबंधन, धूम्रपान छुड़ाना, आ इर्रिटेबल बॉवेल सिंड्रोम जैसे मामला में करे जात हवे।

अनुप्रयोग

हिप्नोसिस के कई व्यावहारिक अनुप्रयोग हवे:

  • चिकित्सा क्षेत्र: दर्द नियंत्रण (बिना दवा के), कैंसर के मरीज में मतली कम करना, डेंटिस्ट्री में घबराहट दूर करना।
  • मनोवैज्ञानिक उपचार: चिंता (एंग्जाइटी), अवसाद (डिप्रेशन), फोबिया, तनाव प्रबंधन, नींद ना आना (इनसोम्निया), पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) का इलाज।
  • व्यवहार परिवर्तन: धूम्रपान छुड़ाना, वजन नियंत्रण, नाखून चबाना बंद करना।
  • प्रदर्शन वृद्धि: खेल (स्पोर्ट्स) में एकाग्रता बढ़ाना, परीक्षा के तनाव कम करना, स्टेज पर प्रदर्शन में सुधार।
  • अन्य: पुलिस जांच में स्मृति स्पष्ट करना (हालांकि ये विवादास्पद हवे), रचनात्मकता बढ़ाना।

भारत में कानूनी स्थिति

भारत में, हिप्नोसिस के पेशेवर इस्तेमाल के लिए कोई एक केंद्रीय कानून ना हवे। हालांकि, इसे चिकित्सा पद्धति माना जावे हवे। भारतीय चिकित्सा परिषद (MCI) के दिशा-निर्देश के अनुसार, केवल पंजीकृत चिकित्सक (एमबीबीएस डॉक्टर) या पंजीकृत क्लिनिकल मनोवैज्ञानिक ही क्लिनिकल हिप्नोथेरेपी का अभ्यास कर सकत हवे। बिना चिकित्सा योग्यता के हिप्नोसिस कर के इलाज करना गैर-कानूनी माना जा सकत हवे आ इसे धोखाधड़ी या नकली इलाज (quackery) के तहत मुकदमा चल सकत हवे। स्टेज हिप्नोसिस मनोरंजन के लिए होत हवे, लेकिन उसमें भी स्वयंसेवकों के साथ गलत व्यवहार ना हो, इस पर नजर रखी जात हवे। किसी भी तरह के रीग्रेशन हिप्नोसिस जिसमें पूर्व जन्म का दावा किया जावे, उसकी वैज्ञानिक वैधता को अदालत में सबूत के रूप में स्वीकार ना किया जावे हवे।

सांस्कृतिक दृष्टिकोण

हरियाणा आ भारत में हिप्नोसिस के प्रति सांस्कृतिक दृष्टिकोण मिला-जुला हवे। एक तरफ, शहरी, शिक्षित वर्ग इसे एक वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति के रूप में स्वीकार करत हवे। दूसरी तरफ, ग्रामीण इलाका में कई बार इसे जादू-टोना, भूत-प्रेत या ऊपरी साया के इलाज से जोड़ के देखा जात हवे। कुछ लोग इसे पश्चिमी चीज मान के संदेह की नजर से देखत हवे, तो कुछ इसे योग आ ध्यान के प्राचीन भारतीय ज्ञान का ही आधुनिक रूप मानत हवे। हरियाणा के संस्कृति में व्यावहारिकता प्रमुख हवे, इसलिए जब लोग देखत हवे कि हिप्नोसिस से सिगरेट छूट रही हवे या दर्द कम हो रहा हवे, तो उनकी स्वीकार्यता बढ़ जात हवे। मीडिया में फिल्म आ टीवी शो में हिप्नोसिस को कई बार अतिशयोक्ति के साथ दिखाया जात हवे, जिससे गलत धारणा बनत हवे।

भारत के उल्लेखनीय व्यवसायी

भारत में हिप्नोसिस के क्षेत्र में कई प्रमुख व्यक्ति रहें हवे:

  • डॉ. बी. एम. हेगड़े: प्रख्यात चिकित्सक जिन्होंने समग्र चिकित्सा आ मन-शरीर के संबंध पर जोर दिया, जिसमें हिप्नोसिस के तत्व शामिल हवे।
  • डॉ. विनोद कुमार: दिल्ली के मनोचिकित्सक जो क्लिनिकल हिप्नोसिस के लिए जाने जात हवे।
  • डॉ. सतीश गुप्ता: चंडीगढ़ के क्लिनिकल मनोवैज्ञानिक जिन्होंने हिप्नोथेरेपी पर व्यापक काम किया हवे।
  • डॉ. नरेश वर्मा: हरियाणा के रोहतक से जुड़े मनोचिकित्सक जो हिप्नोसिस के इस्तेमाल में सक्रिय रहें हवे।
  • डॉ. एस. के. शर्मा: दिल्ली में, जिन्होंने हिप्नोसिस पर कई किताब लिखी हवे आ प्रशिक्षण देवे हवे।

इनके अलावा, इंडियन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल एंड एक्सपेरिमेंटल हिप्नोसिस (ISCEH)इंडियन एसोसिएशन ऑफ क्लिनिकल हिप्नोटिस्ट्स (IACH) जैसे संगठन कई प्रशिक्षित व्यवसायी तैयार करत हवे।

ये भी देखो