रिग्रेशन हिप्नोसिस: Difference between revisions
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'''रीग्रेशन हिप्नोसिस''' (पास्ट लाइफ रीग्रेशन) एगो विशेष प्रकार क हिप्नोसिस थेरेपी हे, जेमें व्यक्ति क अवचेतन मन क गहराईमें ले जाया जाय छे ताकि ओ पिछला जीवन क याद (पूर्व जन्म क अनुभव) वा बचपन क भूलल घटना याद करी सके। ई [[हिप्नोसिस]] क एगो शाखा हे। ई थेरेपी मानल जाय छे कि वर्तमान क मनोवैज्ञानिक समस्या, भय, वा शारीरिक रोग क कारण पिछला अनुभवमें छे। भारतमें, जहां पुनर्जन्म क मान्यता प्राचीन समयसें छे, ई विधि क विशेष रूपसें रुचि देखल जाय छे। | |||
== परिभाषा == | == परिभाषा == | ||
रीग्रेशन हिप्नोसिस एगो निर्देशित प्रक्रिया हे, जेमें प्रशिक्षित चिकित्सक (हिप्नोथेरेपिस्ट) व्यक्ति क गहरी विश्राम क अवस्थामें ले जाय छे, जेकरा '''हिप्नोटिक ट्रान्स''' कहल जाय छे। ई अवस्थामें व्यक्ति क चेतना ओकर अवचेतन मनसें जुड़ल रहे छे। थेरेपिस्ट फेर विशेष सुझाव देकर ओकरा समय क पीछे ले जाय छे – या तो ई जन्म क बचपनमें या फेर पिछला जन्ममें। ई मानल जाय छे कि ई प्रक्रियासें '''दबल दुखद घटना''' सामने आ सके छे आ वर्तमान क परेशानी क मूल कारण समझमें आ सके छे। | |||
== इतिहास == | == इतिहास == | ||
आधुनिक | आधुनिक रीग्रेशन हिप्नोसिस क इतिहास क कुछ महत्वपूर्ण नाम आ कामसें जुड़ल हे। | ||
'''मोरे बर्नस्टाइन''' (Morey Bernstein): सन् १९५६में ओकर किताब ''"द सर्च फॉर ब्राइडी मर्फी"'' (The Search for Bridey Murphy) कारण पश्चिमी दुनियामें पास्ट लाइफ रीग्रेशन क बहुत चर्चा भई। ई किताबमें एगो महिला क हिप्नोसिससें पिछला जन्म आयरलैंडमें बतावल गेल हे। | |||
'''ब्रायन वीस''' (Brian Weiss): एगो अमेरिकी मनोचिकित्सक, जे पारंपरिक उपचारसें ना सुधरल मरीज क पास्ट लाइफ रीग्रेशनसें सफलतासें इलाज करी क बाद प्रसिद्ध भई। ओकर किताब ''"मेनी लाइव्स, मेनी मास्टर्स"'' (Many Lives, Many Masters) बहुत प्रसिद्ध भई आ भारत समेत दुनियाभरमें ओकरा पढ़ल जाय छे। | |||
'''माइकल न्यूटन''' (Michael Newton): ओकर काम '''लाइफ बिटवीन लाइव्स''' (LBL) यानी जन्मों क बीच क जीवन पर केंद्रित छे। ओ बतावे छे कि हिप्नोसिस क दौरान लोग आत्मा क दुनिया, ओकर गाइड, आ जन्म लेवे क फैसला क बारेमें बतावे छे। | |||
'''डोलोरेस कैनन''' (Dolores Cannon): ओकर तकनीक '''क्वांटम हीलिंग हिप्नोसिस''' कहल जाय छे। ओ बहुत गहरी ट्रान्स अवस्थामें लोगसें बात करी आ ओकरा "अवचेतन" या "उच्च आत्मा"सें जुड़ल जानकारी प्राप्त करे क बारेमें लिखल हे। ओकर किताब भारतमें भी बहुत लोकप्रिय हे। | |||
== कार्यप्रणाली == | == कार्यप्रणाली == | ||
रीग्रेशन हिप्नोसिस क सत्र आमतौर पर कुछ चरणमें होय छे: | |||
# '''पूर्व चर्चा''': थेरेपिस्ट मरीजसें ओकर समस्या आ उम्मीद क बारेमें बात करे छे। | |||
# '''आरम्भ''' आ '''गहरी विश्राम''': व्यक्ति क आरामदायक स्थितिमें बैठाया या लेटाया जाय छे। फेर शांत आरामदायक आवाजमें थेरेपिस्ट ओकरा धीरे-धीरे ट्रान्समें ले जाय छे। | |||
# '''रीग्रेशन''': थेरेपिस्ट समय क पीछे जाय क निर्देश दे छे, जेमें विशेष उम्र या घटना क ओर ले जाया जा सके। | |||
# '''अनुभव क जांच''' आ '''उपचार''': व्यक्ति जो देखे छे या महसूस करे छे, ओकर बारेमें बतावे छे। थेरेपिस्ट ओ घटना क भावनात्मक चार्ज कम करे में मदद करे छे आ नया, सकारात्मक सुझाव दे छे। | |||
# '''सत्र क समापन''': व्यक्ति क वर्तमानमें वापस लाया जाय छे आ ट्रान्ससें बाहर निकाल जाय छे। | |||
== प्रकार == | == प्रकार == | ||
रीग्रेशन हिप्नोसिस क मुख्य रूप तीन प्रकार हे: | |||
''' | '''आयु रीग्रेशन (एज रीग्रेशन)''': ईमें व्यक्ति क ईही जन्म क पिछले समयमें, खासकर बचपनमें ले जाया जाय छे। ई अक्सर भूलल '''ट्रॉमा''' या दुखद घटना क पता लगावे आ ओकरा ठीक करे खातिर इस्तेमाल होय छे। | ||
'''लाइफ बिटवीन लाइव्स (एलबीएल) | '''पास्ट लाइफ रीग्रेशन (पूर्व जन्म रीग्रेशन)''': ई सबसें प्रसिद्ध प्रकार हे। ईमें व्यक्ति क मानल जाय छे कि ओकर पिछला जन्ममें ले जाया जा रहय छे। लोग अक्सर दूसरा समय, स्थान, आ पहचान क अनुभव करे छे। ई वर्तमान क फोबिया, रिश्ता क समस्या, या असमझदार भय क कारण समझे में मदद करी सके छे। | ||
'''लाइफ बिटवीन लाइव्स (एलबीएल) रीग्रेशन''': ई माइकल न्यूटन क विकसित कील विधि हे। ईमें व्यक्ति क पिछला जन्म ना देखाकर, दो जन्मों क बीच क आत्मिक अवस्थामें ले जाया जाय छे। ईमें "आत्मा क समूह", "ज्ञान क संरक्षक", आ जीवन क उद्देश्य क बारेमें अनुभव हो सके छे। | |||
== वैज्ञानिक दृष्टिकोण == | == वैज्ञानिक दृष्टिकोण == | ||
वैज्ञानिक समुदाय | वैज्ञानिक समुदाय रीग्रेशन हिप्नोसिस, खासकर पास्ट लाइफ रीग्रेशन क प्रति सन्देह क नजरसें देखे छे। कई वैज्ञानिक ई माने छे कि हिप्नोसिस क अवस्थामें दिखल "पिछला जन्म" क याद वास्तव में '''कल्पना''', फिल्म, किताब, वा बचपन क कहानीसें प्रभावित छे। मनोविज्ञानमें '''क्रिप्टोमनेसिया''' (भूलल स्रोतसें याद आना) आ '''कन्फैब्युलेशन''' (अचेतन मन क कहानी बनावे) जैसा घटना कारण हो सके छे। | ||
हालांकि, कुछ शोधकर्ता ई माने छे कि हिप्नोसिस गहरी याद क पुनर्प्राप्त करे क एगो शक्तिशाली तरीका हे, भले ओ याद वास्तविक हो या प्रतीकात्मक। वर्तमान क समस्या पर ओकर सकारात्मक प्रभाव कारण ई एगो '''मनोचिकित्सा उपकरण''' क रूपमें स्वीकार कियल जाय सके छे। | |||
== भारत | == पुनर्जन्म शोध आ भारतीय संदर्भ == | ||
भारतमें पुनर्जन्म क अवधारणा हजारों सालसें धर्म आ दर्शन क हिस्सा रहय छे। हिन्दू, बौद्ध, जैन, आ सिख धर्ममें ई केंद्रीय विश्वास हे। ई कारण, पास्ट लाइफ रीग्रेशन क विचार भारतीय लोग खातिर अजनबी नाई हे। | |||
भारतमें डॉ. '''इयान स्टीवेन्सन''' (Ian Stevenson) क काम क बहुत महत्व देल जाय छे। ओ अमेरिकी मनोचिकित्सक छे, जेने बच्चा क स्वतःस्फूर्त पिछला जन्म क याद पर दशकों तक शोध करी, खासकर भारत आ एशिया क देशमें। ओकर किताब ''"ट्वेंटी केसेस सजेस्टिव ऑफ रीइनकार्नेशन"'' मशहूर हे। भारत क डॉ. '''सत्यवंत सावंत''' जैसा शोधकर्ता ने पुनर्जन्म क केस क अध्ययन करेमें योगदान दियल हे। | |||
== भारतमें अभ्यास == | |||
भारतमें रीग्रेशन हिप्नोसिस क अभ्यास बढ़त जा रहय हे। दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर, चेन्नई जैसा महानगरमें कई प्रशिक्षित हिप्नोथेरेपिस्ट कार्य करत हे। कुछ भारतीय चिकित्सक आ मनोवैज्ञानिक ई तकनीक आपन परंपरागत उपचारसें जोड़ रहय हे। | |||
भारतीय संस्कृति क कारण, यहां क लोग पिछला जन्म क अनुभव क संभावना क प्रति अधिक खुले हे। कई लोग ई थेरेपी '''कर्म''' क समझ, पारिवारिक समस्या क कारण, या जीवन क उद्देश्य जाने खातिर इस्तेमाल करत हे। भारतमें कुछ प्रसिद्ध प्रैक्टिशनर या केंद्रमें शामिल हे: | |||
* डॉ. '''निलम खत्री''' आ ओकर संस्था, जे हिप्नोथेरेपी पर काम करे छे। | |||
* '''द हिप्नोसिस क्लिनिक''' (मुंबई, दिल्ली) जैसा केंद्र। | |||
* कई आध्यात्मिक गुरु आ योग शिक्षक ने हिप्नोसिस क तकनीक आपन कार्यमें शामिल करल हे। | |||
== कानूनी आ नैतिक विचार == | == कानूनी आ नैतिक विचार == | ||
भारतमें हिप्नोसिस क अभ्यास क लेकर कोई स्पष्ट राष्ट्रीय कानून नाई हे। हालांकि, '''इंडियन मेडिकल एसोसिएशन''' (IMA) आ '''राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग''' (NMC) क दिशानिर्देश लागू हो सके छे। केवल प्रशिक्षित आ योग्य चिकित्सक या मनोवैज्ञानिक ही थेरेपी क रूपमें हिप्नोसिस इस्तेमाल कर सके छे। | |||
* ''' | |||
* '''भावनात्मक उथल-पुथल''': | नैतिक चिंता में शामिल हे: | ||
* ''' | * '''सुझाव क शक्ति''': थेरेपिस्ट क सुझावसें गलत या नकली याद बन सके छे। | ||
* ''' | * '''भावनात्मक उथल-पुथल''': दबल ट्रॉमा सामने आवे पर व्यक्ति परेशान हो सके छे। | ||
* '''व्यावसायिक सीमा''': थेरेपिस्ट क ओकर विश्वास आ भरोसा क दुरुपयोग ना करे। | |||
* '''अंधविश्वास''': लोग वैज्ञानिक इलाज छोड़ी केवल ई थेरपी पर निर्भर हो जाय। | |||
अच्छा अभ्यास ई हे कि रीग्रेशन हिप्नोसिस पारंपरिक चिकित्सा क पूरक क रूपमें इस्तेमाल हो, विकल्प क रूपमें नाई। | |||
== | == यह भी देखो == | ||
* [[हिप्नोसिस]] | * [[हिप्नोसिस]] | ||
* [[पुनर्जन्म]] | * [[पुनर्जन्म]] | ||
* [[मनोचिकित्सा]] | |||
* [[अवचेतन मन]] | |||
* [[कर्म]] | |||
* [[ध्यान]] | * [[ध्यान]] | ||
== संदर्भ == | == संदर्भ == | ||
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Revision as of 13:32, 1 April 2026
'''रीग्रेशन हिप्नोसिस''' (पास्ट लाइफ रीग्रेशन) एगो विशेष प्रकार क हिप्नोसिस थेरेपी हे, जेमें व्यक्ति क अवचेतन मन क गहराईमें ले जाया जाय छे ताकि ओ पिछला जीवन क याद (पूर्व जन्म क अनुभव) वा बचपन क भूलल घटना याद करी सके। ई [[हिप्नोसिस]] क एगो शाखा हे। ई थेरेपी मानल जाय छे कि वर्तमान क मनोवैज्ञानिक समस्या, भय, वा शारीरिक रोग क कारण पिछला अनुभवमें छे। भारतमें, जहां पुनर्जन्म क मान्यता प्राचीन समयसें छे, ई विधि क विशेष रूपसें रुचि देखल जाय छे। == परिभाषा == रीग्रेशन हिप्नोसिस एगो निर्देशित प्रक्रिया हे, जेमें प्रशिक्षित चिकित्सक (हिप्नोथेरेपिस्ट) व्यक्ति क गहरी विश्राम क अवस्थामें ले जाय छे, जेकरा '''हिप्नोटिक ट्रान्स''' कहल जाय छे। ई अवस्थामें व्यक्ति क चेतना ओकर अवचेतन मनसें जुड़ल रहे छे। थेरेपिस्ट फेर विशेष सुझाव देकर ओकरा समय क पीछे ले जाय छे – या तो ई जन्म क बचपनमें या फेर पिछला जन्ममें। ई मानल जाय छे कि ई प्रक्रियासें '''दबल दुखद घटना''' सामने आ सके छे आ वर्तमान क परेशानी क मूल कारण समझमें आ सके छे। == इतिहास == आधुनिक रीग्रेशन हिप्नोसिस क इतिहास क कुछ महत्वपूर्ण नाम आ कामसें जुड़ल हे। '''मोरे बर्नस्टाइन''' (Morey Bernstein): सन् १९५६में ओकर किताब ''"द सर्च फॉर ब्राइडी मर्फी"'' (The Search for Bridey Murphy) कारण पश्चिमी दुनियामें पास्ट लाइफ रीग्रेशन क बहुत चर्चा भई। ई किताबमें एगो महिला क हिप्नोसिससें पिछला जन्म आयरलैंडमें बतावल गेल हे। '''ब्रायन वीस''' (Brian Weiss): एगो अमेरिकी मनोचिकित्सक, जे पारंपरिक उपचारसें ना सुधरल मरीज क पास्ट लाइफ रीग्रेशनसें सफलतासें इलाज करी क बाद प्रसिद्ध भई। ओकर किताब ''"मेनी लाइव्स, मेनी मास्टर्स"'' (Many Lives, Many Masters) बहुत प्रसिद्ध भई आ भारत समेत दुनियाभरमें ओकरा पढ़ल जाय छे। '''माइकल न्यूटन''' (Michael Newton): ओकर काम '''लाइफ बिटवीन लाइव्स''' (LBL) यानी जन्मों क बीच क जीवन पर केंद्रित छे। ओ बतावे छे कि हिप्नोसिस क दौरान लोग आत्मा क दुनिया, ओकर गाइड, आ जन्म लेवे क फैसला क बारेमें बतावे छे। '''डोलोरेस कैनन''' (Dolores Cannon): ओकर तकनीक '''क्वांटम हीलिंग हिप्नोसिस''' कहल जाय छे। ओ बहुत गहरी ट्रान्स अवस्थामें लोगसें बात करी आ ओकरा "अवचेतन" या "उच्च आत्मा"सें जुड़ल जानकारी प्राप्त करे क बारेमें लिखल हे। ओकर किताब भारतमें भी बहुत लोकप्रिय हे। == कार्यप्रणाली == रीग्रेशन हिप्नोसिस क सत्र आमतौर पर कुछ चरणमें होय छे: # '''पूर्व चर्चा''': थेरेपिस्ट मरीजसें ओकर समस्या आ उम्मीद क बारेमें बात करे छे। # '''आरम्भ''' आ '''गहरी विश्राम''': व्यक्ति क आरामदायक स्थितिमें बैठाया या लेटाया जाय छे। फेर शांत आरामदायक आवाजमें थेरेपिस्ट ओकरा धीरे-धीरे ट्रान्समें ले जाय छे। # '''रीग्रेशन''': थेरेपिस्ट समय क पीछे जाय क निर्देश दे छे, जेमें विशेष उम्र या घटना क ओर ले जाया जा सके। # '''अनुभव क जांच''' आ '''उपचार''': व्यक्ति जो देखे छे या महसूस करे छे, ओकर बारेमें बतावे छे। थेरेपिस्ट ओ घटना क भावनात्मक चार्ज कम करे में मदद करे छे आ नया, सकारात्मक सुझाव दे छे। # '''सत्र क समापन''': व्यक्ति क वर्तमानमें वापस लाया जाय छे आ ट्रान्ससें बाहर निकाल जाय छे। == प्रकार == रीग्रेशन हिप्नोसिस क मुख्य रूप तीन प्रकार हे: '''आयु रीग्रेशन (एज रीग्रेशन)''': ईमें व्यक्ति क ईही जन्म क पिछले समयमें, खासकर बचपनमें ले जाया जाय छे। ई अक्सर भूलल '''ट्रॉमा''' या दुखद घटना क पता लगावे आ ओकरा ठीक करे खातिर इस्तेमाल होय छे। '''पास्ट लाइफ रीग्रेशन (पूर्व जन्म रीग्रेशन)''': ई सबसें प्रसिद्ध प्रकार हे। ईमें व्यक्ति क मानल जाय छे कि ओकर पिछला जन्ममें ले जाया जा रहय छे। लोग अक्सर दूसरा समय, स्थान, आ पहचान क अनुभव करे छे। ई वर्तमान क फोबिया, रिश्ता क समस्या, या असमझदार भय क कारण समझे में मदद करी सके छे। '''लाइफ बिटवीन लाइव्स (एलबीएल) रीग्रेशन''': ई माइकल न्यूटन क विकसित कील विधि हे। ईमें व्यक्ति क पिछला जन्म ना देखाकर, दो जन्मों क बीच क आत्मिक अवस्थामें ले जाया जाय छे। ईमें "आत्मा क समूह", "ज्ञान क संरक्षक", आ जीवन क उद्देश्य क बारेमें अनुभव हो सके छे। == वैज्ञानिक दृष्टिकोण == वैज्ञानिक समुदाय रीग्रेशन हिप्नोसिस, खासकर पास्ट लाइफ रीग्रेशन क प्रति सन्देह क नजरसें देखे छे। कई वैज्ञानिक ई माने छे कि हिप्नोसिस क अवस्थामें दिखल "पिछला जन्म" क याद वास्तव में '''कल्पना''', फिल्म, किताब, वा बचपन क कहानीसें प्रभावित छे। मनोविज्ञानमें '''क्रिप्टोमनेसिया''' (भूलल स्रोतसें याद आना) आ '''कन्फैब्युलेशन''' (अचेतन मन क कहानी बनावे) जैसा घटना कारण हो सके छे। हालांकि, कुछ शोधकर्ता ई माने छे कि हिप्नोसिस गहरी याद क पुनर्प्राप्त करे क एगो शक्तिशाली तरीका हे, भले ओ याद वास्तविक हो या प्रतीकात्मक। वर्तमान क समस्या पर ओकर सकारात्मक प्रभाव कारण ई एगो '''मनोचिकित्सा उपकरण''' क रूपमें स्वीकार कियल जाय सके छे। == पुनर्जन्म शोध आ भारतीय संदर्भ == भारतमें पुनर्जन्म क अवधारणा हजारों सालसें धर्म आ दर्शन क हिस्सा रहय छे। हिन्दू, बौद्ध, जैन, आ सिख धर्ममें ई केंद्रीय विश्वास हे। ई कारण, पास्ट लाइफ रीग्रेशन क विचार भारतीय लोग खातिर अजनबी नाई हे। भारतमें डॉ. '''इयान स्टीवेन्सन''' (Ian Stevenson) क काम क बहुत महत्व देल जाय छे। ओ अमेरिकी मनोचिकित्सक छे, जेने बच्चा क स्वतःस्फूर्त पिछला जन्म क याद पर दशकों तक शोध करी, खासकर भारत आ एशिया क देशमें। ओकर किताब ''"ट्वेंटी केसेस सजेस्टिव ऑफ रीइनकार्नेशन"'' मशहूर हे। भारत क डॉ. '''सत्यवंत सावंत''' जैसा शोधकर्ता ने पुनर्जन्म क केस क अध्ययन करेमें योगदान दियल हे। == भारतमें अभ्यास == भारतमें रीग्रेशन हिप्नोसिस क अभ्यास बढ़त जा रहय हे। दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर, चेन्नई जैसा महानगरमें कई प्रशिक्षित हिप्नोथेरेपिस्ट कार्य करत हे। कुछ भारतीय चिकित्सक आ मनोवैज्ञानिक ई तकनीक आपन परंपरागत उपचारसें जोड़ रहय हे। भारतीय संस्कृति क कारण, यहां क लोग पिछला जन्म क अनुभव क संभावना क प्रति अधिक खुले हे। कई लोग ई थेरेपी '''कर्म''' क समझ, पारिवारिक समस्या क कारण, या जीवन क उद्देश्य जाने खातिर इस्तेमाल करत हे। भारतमें कुछ प्रसिद्ध प्रैक्टिशनर या केंद्रमें शामिल हे: * डॉ. '''निलम खत्री''' आ ओकर संस्था, जे हिप्नोथेरेपी पर काम करे छे। * '''द हिप्नोसिस क्लिनिक''' (मुंबई, दिल्ली) जैसा केंद्र। * कई आध्यात्मिक गुरु आ योग शिक्षक ने हिप्नोसिस क तकनीक आपन कार्यमें शामिल करल हे। == कानूनी आ नैतिक विचार == भारतमें हिप्नोसिस क अभ्यास क लेकर कोई स्पष्ट राष्ट्रीय कानून नाई हे। हालांकि, '''इंडियन मेडिकल एसोसिएशन''' (IMA) आ '''राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग''' (NMC) क दिशानिर्देश लागू हो सके छे। केवल प्रशिक्षित आ योग्य चिकित्सक या मनोवैज्ञानिक ही थेरेपी क रूपमें हिप्नोसिस इस्तेमाल कर सके छे। नैतिक चिंता में शामिल हे: * '''सुझाव क शक्ति''': थेरेपिस्ट क सुझावसें गलत या नकली याद बन सके छे। * '''भावनात्मक उथल-पुथल''': दबल ट्रॉमा सामने आवे पर व्यक्ति परेशान हो सके छे। * '''व्यावसायिक सीमा''': थेरेपिस्ट क ओकर विश्वास आ भरोसा क दुरुपयोग ना करे। * '''अंधविश्वास''': लोग वैज्ञानिक इलाज छोड़ी केवल ई थेरपी पर निर्भर हो जाय। अच्छा अभ्यास ई हे कि रीग्रेशन हिप्नोसिस पारंपरिक चिकित्सा क पूरक क रूपमें इस्तेमाल हो, विकल्प क रूपमें नाई। == यह भी देखो == * [[हिप्नोसिस]] * [[पुनर्जन्म]] * [[मनोचिकित्सा]] * [[अवचेतन मन]] * [[कर्म]] * [[ध्यान]] == संदर्भ == {{Reflist}} [[Category:Hypnosis]] [[Category:Reincarnation]] [[Category:Past life regression]]